What Is Pretexting in Cybersecurity? Cyber Attacks का मानवीय पक्ष

What Is Pretexting in Cybersecurity? Cyber Attacks का मानवीय पक्ष

आज के समय में cyber attacks केवल तकनीकी कमजोरियों के कारण सफल नहीं होते। कई गंभीर सुरक्षा घटनाओं की शुरुआत एक भरोसेमंद लगने वाली कहानी से होती है। Pretexting ऐसी ही एक तकनीक है, जिसमें attacker एक विश्वसनीय परिस्थिति बनाकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करता है या सिस्टम तक पहुँच प्राप्त करता है। इसमें तकनीक से ज़्यादा इंसानी भरोसे को निशाना बनाया जाता है। 

जैसे-जैसे संगठन अपने तकनीकी सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रहे हैं, हमलावरों का ध्यान लोगों पर केंद्रित होता जा रहा है। Pretexting आज की सबसे प्रभावी social engineering तकनीकों में से एक बन चुकी है, क्योंकि यह मनोविज्ञान, शोध और पहचान की नकल के ज़रिए उन्नत सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी चकमा दे सकती है। 

Cybersecurity में Pretexting का अर्थ 

Pretexting एक प्रकार की social engineering तकनीक है, जिसमें attacker किसी जानकारी, अनुमति या कार्रवाई की माँग को सही ठहराने के लिए एक झूठा लेकिन विश्वसनीय बहाना तैयार करता है। अक्सर attacker स्वयं को IT support, finance team, वरिष्ठ अधिकारी, vendor या regulator के रूप में प्रस्तुत करता है, ताकि उसकी बात पर बिना संदेह किए भरोसा कर लिया जाए। 

Phishing के विपरीत, जो आमतौर पर बड़े पैमाने पर भेजे गए सामान्य संदेशों पर आधारित होती है, pretexting attacks ज़्यादा लक्षित और योजनाबद्ध होती हैं। हमलावर संगठन की संरचना, कर्मचारियों की भूमिकाओं और आंतरिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करके बातचीत को पूरी तरह वास्तविक बनाने की कोशिश करता है। 

संगठनों के लिए Pretexting इतना प्रभावी क्यों है 

Pretexting हमले तकनीकी कमियों के बजाय मानव व्यवहार का फायदा उठाते हैं। कर्मचारियों को सहयोगी, तत्पर और मददगार बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, और हमलावर इन्हीं गुणों का दुरुपयोग करते हैं। 

इस तकनीक को खास तौर पर खतरनाक बनाने वाले कारण हैं: 

  • हमलावर सार्वजनिक या लीक हुई जानकारी का उपयोग करके विश्वसनीय परिस्थिति तैयार करते हैं
  • बातचीत ईमेल, फोन कॉल, मैसेजिंग ऐप या वीडियो कॉल के माध्यम से हो सकती है
  • अनुरोध सामान्य, समय-संवेदनशील या वरिष्ठता आधारित प्रतीत होते हैं
  • पारंपरिक security tools ऐसे विश्वास-आधारित हमलों को पहचान नहीं पाते 

Remote work, cloud आधारित सहयोग और विकेंद्रीकृत कार्य-प्रणालियों के बढ़ने से पहचान सत्यापन और कठिन हो गया है, जिससे pretexting के अवसर और बढ़ जाते हैं। 

Cybersecurity में Pretexting से बचाव कैसे करें 

Pretexting से सुरक्षा के लिए केवल तकनीक पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रक्रियाओं में अनुशासन और लोगों में जागरूकता दोनों आवश्यक हैं। 

प्रभावी बचाव के लिए निम्न उपाय महत्वपूर्ण हैं: 

  • संवेदनशील अनुरोधों के लिए कड़े पहचान सत्यापन की प्रक्रिया अपनाना
  • वित्तीय और access से जुड़े कार्यों के लिए बहु-स्तरीय स्वीकृति अनिवार्य करना
  • कर्मचारियों को authority या urgency आधारित अनुरोधों पर सवाल उठाने के लिए प्रशिक्षित करना
  • आंतरिक भूमिकाओं और कार्य-प्रणालियों से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी को सीमित रखना
  • ऐसे security tools का उपयोग करना जो असामान्य व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर सकें 

Security awareness प्रशिक्षण यहाँ सबसे अहम भूमिका निभाता है, जिससे कर्मचारी बिना दबाव में आए किसी भी अनुरोध को रोककर सत्यापित करने की आदत विकसित कर सकें। 

Pretexting का भविष्य और बढ़ता खतरा 

AI, automation और deepfake technologies के बढ़ते उपयोग के साथ pretexting attacks पहले से कहीं अधिक वास्तविक और प्रभावी होती जा रही हैं। Voice cloning, वास्तविक लगने वाले ईमेल और AI-generated संदेश हमलावरों को विश्वसनीय पहचान की नकल करने में सक्षम बना रहे हैं। 

इस कारण pretexting अब केवल social engineering तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह identity security, fraud prevention और zero trust जैसी रणनीतियों से जुड़ा एक गंभीर cybersecurity जोखिम बन चुकी है। 

Trust-आधारित हमलों के खिलाफ मज़बूती बनाना 

Pretexting यह याद दिलाती है कि भरोसा जितना ताकतवर होता है, उतना ही जोखिमपूर्ण भी हो सकता है। आज systems की सुरक्षा का अर्थ केवल तकनीक की रक्षा नहीं, बल्कि निर्णय-प्रक्रियाओं, संचार व्यवस्था और मानवीय विवेक की सुरक्षा भी है। 

Terrabyte संगठनों को pretexting जैसी social engineering threats से बचाव के लिए जागरूकता और मजबूत cybersecurity रणनीतियाँ विकसित करने में सहायता करता है, ताकि टीमें भरोसे की पुष्टि कर सकें, जोखिम कम कर सकें और एक सुरक्षित व resilient डिजिटल वातावरण बना सकें।

Recent Posts
241

Recurring Downtime Explained: मेरी प्रणालियाँ बार-बार क्यों बंद हो जाती हैं?

251 (1)

Cybersecurity with AI: जब मानव सीमाएँ Machine Intelligence से मिलती हैं

201

Red Team in Cybersecurity: क्यों Simulated Attacks आपकी रक्षा की असली तस्वीर दिखाते हैं